लफ़्टंट पिगसन की डायरी

सात - आठ दिन हुए, गुदड़ी बाजार की ओर चला गया था। वहाँ एक मोटी, जिल्द बँधी कॉपी एक दुकान पर मिली। दीमकों ने उसका जलपान भी किया था। देखने पर एक डायरी निकली। लेफ्टिनेंट पिगसन सन् 1921 में भारत आये थे। यह डायरी दो साल की है। अन्त के कुछ पृष्ठ नहीं हैं। डायरी कितनी मनोरंजक है, पढ़ने से पता चलेगा।

बेढब बनारसीबेढ़ब बनारसी पिछली सदी के एक प्रसिद्ध हिन्दी लेखक थे, जो अपनी मजाकिया लेखन शैली के लिए प्रसिद्ध थे। वो अपने कल्पित नाम बेढ़ब बनारसी से विनोदी और व्यंग्यपूर्ण हिन्दी कविताएँ लिखते थे। उन्होंने गद्य और कविता की दर्ज़नभर पुस्तकें प्रकाशित किया। उनकी प्रमुख रचनाओं में बेढब की बैठक (1940), काव्य कमल(कविता संग्रह, 1940), बनारसी इक्का, गांधी का भूत और तनातन, अभिनीता (नाटक)[1]
Please join our telegram group for more such stories and updates.telegram channel

Books related to लफ़्टंट पिगसन की डायरी


चिमणरावांचे चर्हाट
नलदमयंती
सुधा मुर्ती यांची पुस्तके
झोंबडी पूल
सापळा
श्यामची आई
अश्वमेध- एक काल्पनिक रम्यकथा
गांवाकडच्या गोष्टी
खुनाची वेळ
लोकभ्रमाच्या दंतकथा
मराठेशाही का बुडाली ?
कथा: निर्णय
पैलतीराच्या गोष्टी
मृत्यूच्या घट्ट मिठीत
शिवाजी सावंत