अश्वत्थामा

अश्वत्थामा बलि: व्यासो हनूमांश्च विभीषण:। कृप: परशुरामश्च सप्तएतै चिरजीविन:॥ सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित॥

फिनिक्सजाळून टाकला तरी राखेतून पुन्हा जिवंत होऊन भरारी घेणारा विचार...
Please join our telegram group for more such stories and updates.telegram channel

Books related to अश्वत्थामा


गिजरू का अमराक
गिरनार का रहस्य
पारसमणी
मुगल-ए-आजम
विचित्र वृक्ष
पटेल का फैसला
सुह्दभेद
राजपुत्र धीरसेन
साधू और चुहा
मंगलसूत्र
नक्कू बकरी