कर्ण वध के बाद धृतराष्ट्र गुस्सा हुआ।


धृतराष्ट्र: अरे मुर्ख संजय. आवाज कम कर टिव्ही का।


संजय: क्यों? आगे देखना नही चाहोगे? आगे और अच्छा दिखाने वाले है। 
दुर्योधन भागेगा रणभूमी छोड़कर और भीम उसे ढूंढते ढूंढते ....

धृतराष्ट्र: बंद कर अपनी जबान। बस कर। 

निकाल कर फेंक दे केबल कनेक्शन। 

संजय: आप भड़किये मत। आपका बेटा दुर्योधन...

लेकिन धृतराष्ट्र तलवार लेकर टिव्ही फोड़ देता है।

संजय: ये आपने क्या किया महाराज? आगेवाले एपिसोड मिस हो जायेंगे। 

धृतराष्ट्र: वापस बुलाओ वापस बुलाओ।

संजय: किसको वापस बुलाऊ महाराज?

धृतराष्ट्र: युद्ध भूमी में अपना कैमेरामन गया है उसे वापस बुलाओ।

तभी विदुर वहाँ लैपटॉप लेकर आता है

विदुर: ये लो संजय मेरा लैपटॉप। 3G स्पीड है डेटा कार्ड का।

इसमे देखो और सुनाओ महाराज को अपने बेटों की करतूतें। 

धृतराष्ट्र: विदुर चले जाव यहाँ से चले जाव.....
आपण साहित्यिक आहात ? कृपया आपले साहित्य authors@bookstruckapp ह्या पत्त्यावर पाठवा किंवा इथे signup करून स्वतः प्रकाशित करा. अतिशय सोपे आहे.
Please join our telegram group for more such stories and updates.

Books related to वाचनस्तु


पलीकडचा मी! (कूटकथा)
२२२ सुपर सुविचार
"आग्या वेताळ" - एक गूढकथा
रूम नंबर 9
चोवीस चारोळ्या
डिटेक्टिव्ह निगेटिव्ह
जलजीवा
वाचनस्तु